अचल
Achala
Acala · IAST
अचल; स्थिर और अविचल, पर्वत के समान।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 2.24
अच्छेद्योऽयमदाह्योऽयमक्लेद्योऽशोष्य एव च । नित्यः सर्वगतः स्थाणुरचलोऽयं सनातनः ॥
acchedyo'yam adāhyo'yam akledyo'śoṣya eva ca | nityaḥ sarva-gataḥ sthāṇur acalo'yaṃ sanātanaḥ ||
यह आत्मा न काटा जा सकता है, न जलाया जा सकता है, न भिगोया जा सकता है और न सुखाया जा सकता है। यह नित्य, सर्वव्यापी, अचल, स्थिर और सनातन है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/achala · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता