आदि

Aadi

Ādi · IAST

सबका आरम्भ — प्रथम स्रोत।

बालकमेष1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 10.20

    अहमात्मा गुडाकेश सर्वभूताशयस्थितः । अहमादिश्च मध्यं च भूतानामन्त एव च ॥

    aham ātmā guḍākeśa sarva-bhūtāśaya-sthitaḥ | aham ādiś ca madhyaṁ ca bhūtānām anta eva ca ||

    हे गुडाकेश (अर्जुन), मैं सब प्राणियों के हृदय में बसा हुआ आत्मा हूँ। मैं ही सब प्राणियों का आदि, मध्य और अन्त हूँ।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/adi · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

आपकी चयन सूची 0 / 10

आपकी सूची खाली है

किसी भी नाम पर बुकमार्क दबाकर अपने पसन्द के नाम जोड़िए।