अखिल

Akhila

Akhila · IAST

सम्पूर्ण; पूरा और अखण्ड, जिसमें कुछ शेष न रहे।

बालकमेष1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 4.33

    श्रेयान्द्रव्यमयाद्यज्ञाज्ज्ञानयज्ञः परन्तप । सर्वं कर्माखिलं पार्थ ज्ञाने परिसमाप्यते ॥

    śreyān dravyamayād yajñāj jñāna-yajñaḥ parantapa | sarvaṃ karmākhilaṃ pārtha jñāne parisamāpyate ||

    हे परन्तप (अर्जुन)! द्रव्य के द्वारा किए यज्ञ से ज्ञान का यज्ञ श्रेष्ठ है। हे पार्थ! सारा कर्म पूर्णरूप से ज्ञान में ही समाप्त हो जाता है।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/akhila · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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