अर्यमा

Aryamaa

Aryamā · IAST

श्रेष्ठ सूर्य-देव, पितरों और मैत्री के स्वामी।

बालकमेष1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 10.29

    अनन्तश्चास्मि नागानां वरुणो यादसामहम् । पितॄणामर्यमा चास्मि यमः संयमतामहम् ॥

    anantaśchāsmi nāgānāṃ varuṇo yādasām aham | pitṝṇām aryamā chāsmi yamaḥ saṃyamatām aham ||

    नागों में मैं अनन्त हूँ, और जल के देवताओं में वरुण हूँ। पितरों में अर्यमा हूँ, और नियम चलाने वालों में यम हूँ।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/aryama · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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