भक्त / भक्ता

Bhakta / Bhaktaa

Bhakta / Bhaktā · IAST

भक्त; भगवान् के प्रति प्रेमपूर्ण भक्ति रखने वाला/वाली।

बालक / बालिकाधनु1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 9.31

    क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्वच्छान्तिं निगच्छति । कौन्तेय प्रतिजानीहि न मे भक्तः प्रणश्यति ॥

    kṣipraṁ bhavati dharmātmā śaśvacchāntiṁ nigacchati | kaunteya pratijānīhi na me bhaktaḥ praṇaśyati ||

    वह शीघ्र ही धर्मात्मा बन जाता है और सदा रहनेवाली शान्ति पा लेता है। हे कौन्तेय (कुन्तीपुत्र अर्जुन)! निश्चय जान लो, मेरा भक्त कभी नष्ट नहीं होता।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/bhakta · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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