भक्ति

Bhakti

Bhakti · IAST

भगवान् के प्रति प्रेमपूर्ण भक्ति।

बालिकाधनु1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 18.68

    य इदं परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति । भक्तिं मयि परां कृत्वा मामेवैष्यत्यसंशयः ॥

    ya idaṁ paramaṁ guhyaṁ mad-bhakteṣv abhidhāsyati | bhaktiṁ mayi parāṁ kṛtvā mām evaiṣyaty asaṁśayaḥ ||

    जो मेरे भक्तों में इस परम रहस्य को कहेगा, वह मुझमें परम भक्ति रखकर निःसन्देह मुझे ही प्राप्त होगा।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/bhakti · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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