भरत
Bharata
Bharata · IAST
पालित-पोषित; राम के भ्राता जिन्होंने वनवासकाल में तपस्वी-शासक रूप में अयोध्या सम्भाली।
शास्त्रीय सन्दर्भ
हनुमान चालीसा
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
raghupati kīnhī bahuta baṛāī. tuma mama priya bharatahi sama bhāī.
रघुपति (राम) ने आपकी बहुत बड़ाई की — "तुम मुझे भरत के समान प्रिय भाई हो।"
रामरक्षास्तोत्र
जिह्वां विद्यानिधिः पातु कण्ठं भरतवन्दितः । स्कन्धौ दिव्यायुधः पातु भुजौ भग्नेशकार्मुकः ॥
jihvāṃ vidyānidhiḥ pātu kaṇṭhaṃ bharatavanditaḥ | skandhau divyāyudhaḥ pātu bhujau bhagneśakārmukaḥ ||
विद्या के भण्डार (राम) मेरी जीभ की, भरत के वन्दनीय मेरे कण्ठ (गले) की, दिव्य अस्त्र-शस्त्र धारण करने वाले मेरे कन्धों की, और शिव-धनुष को तोडने वाले मेरी भुजाओं की रक्षा करें।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/bharata · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — हनुमान चालीसा, रामरक्षास्तोत्र