भास्वान

Bhaasvaan

Bhāsvān · IAST

तेजस्वी और प्रकाशमान, सूर्य के समान।

बालकधनु1 शास्त्रीय सन्दर्भ

व्युत्पत्ति · व्युत्पत्ति

भास्वान् = हलन्त-लोप → भास्वान

रूप भास्वान् अन्त में हलन्त सहित लिखा जाता है (व्याकरणिक/उद्धरण वर्तनी); नाम रूप में अन्त्य हलन्त हटाकर भास्वान लिखा जाता है, और अङ्ग्रेजी में अन्त्य अकार अनुच्चारित रहता है।

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 11.17

    किरीटिनं गदिनं चक्रिणं च तेजोराशिं सर्वतो दीप्तिमन्तम् । पश्यामि त्वां दुर्निरीक्ष्यं समन्ताद्दीप्तानलार्कद्युतिमप्रमेयम् ॥

    kirīṭinaṃ gadinaṃ cakriṇaṃ ca tejo-rāśiṃ sarvato dīptimantam . paśyāmi tvāṃ durnirīkṣyaṃ samantād dīptānalārka-dyutim aprameyam ..

    मैं आपको मुकुट धारण किए, गदा और चक्र लिए, चारों ओर दमकते तेज के पुञ्ज के रूप में देखता हूँ; आप देखने में इतने तेजोमय हैं कि सब ओर जलती आग और सूर्य के समान चमक रहे हैं, और सब माप से परे हैं। [अर्जुन विराट रूप का वर्णन करते हुए]

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/bhasvan · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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