भव / भवानी

Bhava / Bhavaanee

Bhava / Bhavānī · IAST

भव (शिव, सृष्टि के मूल) तथा उनकी शक्ति भवानी (पार्वती)।

बालक / बालिकाधनु1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 9.34

    मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु । मामेवैष्यसि युक्त्वैवमात्मानं मत्परायणः ॥

    man-manā bhava mad-bhakto mad-yājī māṃ namaskuru | mām evaiṣyasi yuktvaivam ātmānaṃ mat-parāyaṇaḥ ||

    अपना मन मुझमें लगाओ, मेरे भक्त बनो, मेरी पूजा करो और मुझे प्रणाम करो। इस प्रकार मुझमें अपने को समर्पित करके तुम निश्चय ही मुझे ही पाओगे।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/bhava · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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