भावना

Bhaavanaa

Bhāvanā · IAST

प्रेमपूर्ण चिन्तन; भावपूर्ण विचार।

बालिकाधनु1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 2.66

    नास्ति बुद्धिरयुक्तस्य न चायुक्तस्य भावना । न चाभावयतः शान्तिरशान्तस्य कुतः सुखम् ॥

    nāsti buddhir ayuktasya na cāyuktasya bhāvanā | na cābhāvayataḥ śāntir aśāntasya kutaḥ sukham ||

    जिसका मन स्थिर नहीं, उसमें न तो निश्चयात्मक बुद्धि होती है और न मन की शान्ति; जब शान्ति ही नहीं तो सुख कहाँ से मिलेगा?

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/bhavana · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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