दाक्ष्य / दाक्ष्या

Daakshya / Daakshyaa

Dākṣya / Dākṣyā · IAST

दक्षता; कुशलता एवं निपुणता।

बालक / बालिकाकुम्भ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 18.43

    शौर्यं तेजो धृतिर्दाक्ष्यं युद्धे चाप्यपलायनम् । दानमीश्वरभावश्च क्षात्रं कर्म स्वभावजम् ॥

    śauryaṃ tejo dhṛtir dākṣyaṃ yuddhe cāpy apalāyanam । dānam īśvarabhāvaś ca kṣātraṃ karma svabhāvajam ॥

    शौर्य, तेज, धैर्य, चतुरता, युद्ध में पीठ न दिखाना, दान और नेतृत्व का भाव — ये गुण क्षत्रिय स्वभाव वाले व्यक्ति में स्वाभाविक रूप से होते हैं।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/dakshya · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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