धर्मात्मन / धर्मात्मा
Dharmaatman / Dharmaatmaa
Dharmātman / Dharmātmā · IAST
जिसकी आत्मा ही धर्ममयी हो — धर्मात्मा।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
व्युत्पत्ति · व्युत्पत्ति
धर्मात्मन् = हलन्त-लोप → धर्मात्मन
रूप धर्मात्मन् अन्त में हलन्त सहित लिखा जाता है (व्याकरणिक/उद्धरण वर्तनी); नाम रूप में अन्त्य हलन्त हटाकर धर्मात्मन लिखा जाता है, और अङ्ग्रेजी में अन्त्य अकार अनुच्चारित रहता है।
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 9.31
क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्वच्छान्तिं निगच्छति । कौन्तेय प्रतिजानीहि न मे भक्तः प्रणश्यति ॥
kṣipraṁ bhavati dharmātmā śaśvacchāntiṁ nigacchati | kaunteya pratijānīhi na me bhaktaḥ praṇaśyati ||
वह शीघ्र ही धर्मात्मा बन जाता है और सदा रहनेवाली शान्ति पा लेता है। हे कौन्तेय (कुन्तीपुत्र अर्जुन)! निश्चय जान लो, मेरा भक्त कभी नष्ट नहीं होता।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/dharmatman · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता