धृति

Dhriti

Dhṛti · IAST

एकाग्रता, धैर्य, स्थिर निश्चय।

बालिकाधनु2 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 16.3

    तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता । भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत ॥

    tejaḥ kṣamā dhṛtiḥ śaucamadroho nātimānitā | bhavanti sampadaṃ daivīmabhijātasya bhārata ||

    तेज, क्षमा, धैर्य, पवित्रता, किसी से बैर न रखना और अभिमान का न होना, हे भारत! ये गुण दैवी सम्पदा के साथ जन्मे व्यक्ति में होते हैं।

  • वाल्मीकि रामायण · 2.1.38

    राम के चरित्र-वर्णन में उनके गुण के रूप में प्रयुक्त।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/dhriti · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता, वाल्मीकि रामायण

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