ध्रुव
Dhruva
Dhruva · IAST
अटल और दृढ़ — ध्रुवतारे के समान स्थिर और अचल।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 18.78
यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः । तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम ॥
yatra yogeśvaraḥ kṛṣṇo yatra pārtho dhanurdharaḥ . tatra śrīr vijayo bhūtir dhruvā nītir matir mama ..
जहाँ योगेश्वर कृष्ण हैं और जहाँ धनुर्धारी अर्जुन (पार्थ) हैं, वहीं श्री, विजय, ऐश्वर्य और स्थिर नीति है — यही मेरा निश्चित मत है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/dhruva · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता