द्विज / द्विजा
Dvija / Dvijaa
Dvija / Dvijā · IAST
द्विज; जिसका उपनयन-संस्कार हुआ हो।
बालक / बालिका1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 17.14
देवद्विजगुरुप्राज्ञपूजनं शौचमार्जवम् । ब्रह्मचर्यमहिंसा च शारीरं तप उच्यते ॥
deva-dvija-guru-prājña-pūjanaṃ śaucam ārjavam | brahmacaryam ahiṃsā ca śārīraṃ tapa ucyate ||
देवताओं, ब्राह्मणों, गुरुजनों और विद्वानों का आदर; स्वच्छता, सरलता, ब्रह्मचर्य और अहिंसा - इसे शरीर का तप कहा जाता है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/dvija · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता