एका

Ekaa

Ekā · IAST

एक ही; अद्वितीय, अनुपम।

बालिकावृषभ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 18.66

    सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज । अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः ॥

    sarvadharmān parityajya mām ekaṃ śaraṇaṃ vraja | ahaṃ tvā sarvapāpebhyo mokṣayiṣyāmi mā śucaḥ ||

    सब धर्मों को छोड़कर केवल मेरी शरण में आ जा। मैं तुझे सब पापों से मुक्त कर दूँगा, तू शोक मत कर।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/eka · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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