गायत्री

Gaayatree

Gāyatrī · IAST

पवित्र गायत्री मन्त्र — दिव्य प्रकाश की वन्दना करने वाला सबसे पावन वैदिक मन्त्र।

बालिकामकर1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 10.35

    बृहत्साम तथा साम्नां गायत्री छन्दसामहम् । मासानां मार्गशीर्षोऽहमृतूनां कुसुमाकरः ॥

    bṛhat-sāma tathā sāmnāṃ gāyatrī chandasām aham | māsānāṃ mārga-śīrṣo 'ham ṛtūnāṃ kusumākaraḥ ||

    गीतों में मैं बृहत्साम हूँ और छन्दों में गायत्री हूँ। महीनों में मैं मार्गशीर्ष (अगहन) हूँ और ऋतुओं में फूलों वाली वसन्त ऋतु हूँ।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/gayatri · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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