गुरु
Guru
Guru · IAST
गुरु; आचार्य एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक, पूज्य एवं गौरवशाली।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 11.43
पितासि लोकस्य चराचरस्य त्वमस्य पूज्यश्च गुरुर्गरीयान् । न त्वत्समोऽस्त्यभ्यधिकः कुतोऽन्यो लोकत्रयेऽप्यप्रतिमप्रभाव ॥
pitāsi lokasya carācarasya tvam asya pūjyaś ca gurur garīyān | na tvat-samo 'sty abhyadhikaḥ kuto 'nyo loka-traye 'py apratima-prabhāva ||
आप इस चराचर जगत् के पिता हैं, सबके पूज्य और सबसे बड़े गुरु हैं। तीनों लोकों में आपके समान भी कोई नहीं, तो आपसे बढ़कर कौन हो सकता है, हे अतुलनीय प्रभाव वाले प्रभु!
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/guru · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता