हिमालय

Himaalaya

Himālaya · IAST

हिमालय — हिमाच्छादित महान् पर्वत, सब शिखरों का राजा।

बालककर्क1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 10.25

    महर्षीणां भृगुरहं गिरामस्म्येकमक्षरम् । यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि स्थावराणां हिमालयः ॥

    maharṣīṇāṁ bhṛgur ahaṁ girām asmy ekam akṣaram | yajñānāṁ japa-yajño 'smi sthāvarāṇāṁ himālayaḥ ||

    महर्षियों में मैं भृगु हूँ, और वाणी में मैं एक अक्षर ॐ हूँ। यज्ञों में मैं जप-यज्ञ हूँ, और स्थिर वस्तुओं में मैं हिमालय हूँ। [श्रीकृष्ण अपने श्रेष्ठ रूप बता रहे हैं]

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/himalaya · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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