हृषीकेश

Hrisheekesha

Hṛṣīkeśa · IAST

इन्द्रियों के स्वामी — भगवान् कृष्ण का एक नाम।

बालकमिथुन1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 11.36

    स्थाने हृषीकेश तव प्रकीर्त्या जगत्प्रहृष्यत्यनुरज्यते च । रक्षांसि भीतानि दिशो द्रवन्ति सर्वे नमस्यन्ति च सिद्धसङ्घाः ॥

    sthāne hṛṣīkeśa tava prakīrtyā jagat prahṛṣyaty anurajyate ca | rakṣāṃsi bhītāni diśo dravanti sarve namasyanti ca siddha-saṅghāḥ ||

    हे हृषीकेश [कृष्ण], यह उचित ही है कि आपकी कीर्ति से सारा जगत् हर्षित होता और अनुराग करता है। भयभीत राक्षस सब दिशाओं में भाग जाते हैं और सिद्धों के समूह आपको नमस्कार करते हैं।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/hrishikesha · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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