ईश
Eesha
Īśa · IAST
ईश्वर; परम स्वामी।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 15.17
उत्तमः पुरुषस्त्वन्यः परमात्मेत्युदाहृतः । यो लोकत्रयमाविश्य बिभर्त्यव्यय ईश्वरः ॥
uttamaḥ puruṣas tv anyaḥ paramātmety udāhṛtaḥ | yo lokatrayam āviśya bibharty avyaya īśvaraḥ ||
इन दोनों से उत्तम एक और पुरुष है, जिसे परमात्मा कहा गया है; वह अविनाशी ईश्वर तीनों लोकों में व्याप्त होकर उन्हें धारण करता है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/isha · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता