ईश्वर

Eeshvara

Īśvara · IAST

परमेश्वर; जो सबके हृदय में बसते हैं।

बालकवृषभ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 18.61

    ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति । भ्रामयन्सर्वभूतानि यन्त्रारूढानि मायया ॥

    īśvaraḥ sarvabhūtānāṁ hṛddeśe'rjuna tiṣṭhati | bhrāmayan sarvabhūtāni yantrārūḍhāni māyayā ||

    हे अर्जुन, ईश्वर सब प्राणियों के हृदय में रहता है, और मानो किसी यन्त्र पर बैठे हुए सब प्राणियों को घुमाता रहता है।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/ishvara · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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