ज्ञान
Gyaana
Jñāna · IAST
ज्ञान — सत्य को प्रकाशित करनेवाला आन्तरिक प्रकाश।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 4.38
न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते । तत्स्वयं योगसंसिद्धः कालेनात्मनि विन्दति ॥
na hi jñānena sadṛśaṃ pavitram iha vidyate | tat svayaṃ yogasaṃsiddhaḥ kālenātmani vindati ||
इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला कुछ भी नहीं है। योग में सिद्ध हुआ मनुष्य समय आने पर इसे अपने भीतर ही पा लेता है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/jnana · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता