काञ्चन / काञ्चना

Kaanchana / Kaanchanaa

Kāñcana / Kāñcanā · IAST

स्वर्ण; सोने के समान उज्ज्वल एवं अमूल्य।

बालक / बालिकामिथुन1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 6.8

    ज्ञानविज्ञानतृप्तात्मा कूटस्थो विजितेन्द्रियः । युक्त इत्युच्यते योगी समलोष्टाश्मकाञ्चनः ॥

    jñāna-vijñāna-tṛptātmā kūṭastho vijitendriyaḥ । yukta ity ucyate yogī sama-loṣṭāśma-kāñcanaḥ ॥

    जो ज्ञान और अनुभव से सन्तुष्ट है, जो अटल रहता है और जिसने इन्द्रियों को जीत लिया है, वही योगी 'योग में स्थित' कहलाता है — जिसके लिए मिट्टी का ढेला, पत्थर और सोना एक समान हैं।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/kanchana · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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