कौशल

Kaushala

Kauśala · IAST

कार्य करने में कुशलता और निपुणता।

बालकमिथुन1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 2.50

    बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदुष्कृते । तस्माद्योगाय युज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम् ॥

    buddhi-yukto jahātīha ubhe sukṛta-duṣkṛte | tasmād yogāya yujyasva yogaḥ karmasu kauśalam ||

    स्थिर बुद्धि वाला मनुष्य इसी जीवन में अच्छे और बुरे, दोनों कर्मों से ऊपर उठ जाता है। इसलिये तू इस समत्व-योग में लग जा; कर्मों में कुशलता ही योग है।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/kaushala · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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