क्रिया

Kriyaa

Kriyā · IAST

क्रिया; भली प्रकार किया गया कर्म।

बालिकामिथुन1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 17.25

    तदित्यनभिसन्धाय फलं यज्ञतपःक्रियाः । दानक्रियाश्च विविधाः क्रियन्ते मोक्षकाङ्क्षिभिः ॥

    tadityanabhisandhāya phalaṃ yajñatapaḥkriyāḥ । dānakriyāśca vividhāḥ kriyante mokṣakāṅkṣibhiḥ ॥

    ‘तत्’ इस शब्द के साथ, फल की इच्छा छोड़कर, मोक्ष चाहने वाले लोग यज्ञ, तप और दान के अनेक कार्य करते हैं।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/kriya · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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