कुरुनन्दन

Kurunandana

Kurunandana · IAST

कुरुवंश का प्रिय पुत्र और आनन्द।

बालकमिथुन1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 2.41

    व्यवसायात्मिका बुद्धिरेकेह कुरुनन्दन । बहुशाखा ह्यनन्ताश्च बुद्धयोऽव्यवसायिनाम् ॥

    vyavasāyātmikā buddhir ekeha kurunandana | bahuśākhā hy anantāś ca buddhayo 'vyavasāyinām ||

    इस मार्ग में निश्चयवाली बुद्धि एक ही होती है, हे कुरुनन्दन; परन्तु अस्थिर बुद्धिवालों की बुद्धियाँ अनेक शाखाओं वाली और अनन्त होती हैं।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/kurunandana · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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