माया

Maayaa

Māyā · IAST

ईश्वर की अद्भुत रचनात्मक शक्ति; एक सत्य को ढाँपने वाली दिव्य लीला।

बालिकासिंह1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 7.14

    दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया । मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति ते ॥

    daivī hy eṣā guṇamayī mama māyā duratyayā . mām eva ye prapadyante māyām etāṁ taranti te ..

    मेरी यह दैवी माया, जो तीन गुणों से बनी है, पार करना कठिन है; परन्तु जो केवल मेरी ही शरण में आते हैं, वे इस माया को पार कर जाते हैं।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/maya · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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