मेरु

Meru

Meru · IAST

सृष्टि के केन्द्र में स्थित स्वर्णिम सुमेरु पर्वत; अटल ऊँचाई का प्रतीक।

बालकसिंह1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 10.23

    रुद्राणां शङ्करश्चास्मि वित्तेशो यक्षरक्षसाम् । वसूनां पावकश्चास्मि मेरुः शिखरिणामहम् ॥

    rudrāṇāṃ śaṅkaraś cāsmi vitteśo yakṣa-rakṣasām | vasūnāṃ pāvakaś cāsmi meruḥ śikhariṇām aham ||

    रुद्रों में मैं शङ्कर (शिव) हूँ और यक्ष-राक्षसों में धन के स्वामी कुबेर हूँ। वसुओं में मैं अग्नि हूँ और पर्वत-शिखरों में मेरु हूँ।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/meru · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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