नयन

Nayana

Nayana · IAST

नेत्र — सुन्दर, भावपूर्ण आँखें।

उभयवृश्चिक1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 11.10

    अनेकवक्त्रनयनमनेकाद्भुतदर्शनम् । अनेकदिव्याभरणं दिव्यानेकोद्यतायुधम् ॥

    anekavaktranayanam anekādbhutadarśanam | anekadivyābharaṇaṃ divyānekodyatāyudham ||

    अनेक मुख और नेत्रों वाला, अनेक अद्भुत दृश्यों वाला, अनेक दिव्य आभूषणों से सजा और अनेक दिव्य उठे हुए अस्त्रों वाला (विश्वरूप)। (सञ्जय, श्रीकृष्ण के प्रकट विराट रूप का वर्णन)

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/nayana · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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