नित्या

Nityaa

Nityā · IAST

नित्य, शाश्वत।

बालिकावृश्चिक1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 9.22

    अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते । तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम् ॥

    ananyāś cintayanto māṃ ye janāḥ paryupāsate . teṣāṃ nityābhiyuktānāṃ yoga-kṣemaṃ vahāmy aham ..

    जो भक्त अनन्य भाव से केवल मेरा ही चिन्तन करते हुए मेरी उपासना करते हैं, उन सदा-समर्पित भक्तों का योगक्षेम मैं स्वयं वहन करता हूँ।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/nitya · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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