ओङ्कार
Omkaara
Oṃkāra · IAST
पवित्र अक्षर ॐ; शब्दरूप ब्रह्म, प्रणव।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 8.13
ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म व्याहरन्मामनुस्मरन् । यः प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम् ॥
om ity ekākṣaraṃ brahma vyāharan mām anusmaran | yaḥ prayāti tyajan dehaṃ sa yāti paramāṃ gatim ||
जो एक अक्षर ओम् रूपी ब्रह्म का उच्चारण करते हुए और मुझे स्मरण करते हुए शरीर त्यागकर जाता है, वह परम गति को प्राप्त होता है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/omkara · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता