परम

Parama

Parama · IAST

सर्वोच्च, परम।

उभयकन्या1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 8.21

    अव्यक्तोऽक्षर इत्युक्तस्तमाहुः परमां गतिम् । यं प्राप्य न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम ॥

    avyakto'kṣara ity uktas tam āhuḥ paramāṁ gatim . yaṁ prāpya na nivartante tad dhāma paramaṁ mama ..

    जिसे अव्यक्त और अक्षर कहा गया है, उसे ही परम गति कहते हैं। जिसे पाकर कोई लौटता नहीं, वही मेरा परम धाम है।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/parama · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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