प्रताप

Prataapa

Pratāpa · IAST

पराक्रम और तेज।

बालककन्या1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 1.12

    तस्य सञ्जनयन्हर्षं कुरुवृद्धः पितामहः । सिंहनादं विनद्योच्चैः शङ्खं दध्मौ प्रतापवान् ॥

    tasya sañjanayanharṣaṃ kuruvṛddhaḥ pitāmahaḥ | siṃhanādaṃ vinadyoccaiḥ śaṅkhaṃ dadhmau pratāpavān ||

    (भीष्म के विषय में) कुरुओं में सबसे बड़े वृद्ध, प्रतापी पितामह (भीष्म) ने दुर्योधन का हर्ष बढ़ाते हुए सिंह के समान गरजकर ऊँचे स्वर में शङ्ख बजाया।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/pratapa · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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