सखा / सखी

Sakhaa / Sakhee

Sakhā / Sakhī · IAST

सच्चा मित्र, प्रिय साथी।

बालक / बालिकाकुम्भ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 11.41

    सखेति मत्वा प्रसभं यदुक्तं हे कृष्ण हे यादव हे सखेति । अजानता महिमानं तवेदं मया प्रमादात्प्रणयेन वापि ॥

    sakheti matvā prasabhaṃ yad uktaṃ he kṛṣṇa he yādava he sakheti | ajānatā mahimānaṃ tavedaṃ mayā pramādāt praṇayena vāpi ||

    तुझे केवल मित्र मानकर मैंने जो कुछ हठपूर्वक कह दिया, 'हे कृष्ण, हे यादव, हे सखा' कहकर पुकारा, तेरी इस महिमा को न जानते हुए, अपने प्रमाद से या प्रेमवश...

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/sakha · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

आपकी चयन सूची 0 / 10

आपकी सूची खाली है

किसी भी नाम पर बुकमार्क दबाकर अपने पसन्द के नाम जोड़िए।