सम्पत / सम्पदा
Sampat / Sampadaa
Sampat / Sampadā · IAST
सम्पत्ति, सौभाग्य; वैभव।
बालक / बालिका1 शास्त्रीय सन्दर्भ
व्युत्पत्ति · व्युत्पत्ति
सम्पत् = हलन्त-लोप → सम्पत
रूप सम्पत् अन्त में हलन्त सहित लिखा जाता है (व्याकरणिक/उद्धरण वर्तनी); नाम रूप में अन्त्य हलन्त हटाकर सम्पत लिखा जाता है, और अङ्ग्रेजी में अन्त्य अकार अनुच्चारित रहता है।
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 16.3
तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता । भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत ॥
tejaḥ kṣamā dhṛtiḥ śaucamadroho nātimānitā | bhavanti sampadaṃ daivīmabhijātasya bhārata ||
तेज, क्षमा, धैर्य, पवित्रता, किसी से बैर न रखना और अभिमान का न होना, हे भारत! ये गुण दैवी सम्पदा के साथ जन्मे व्यक्ति में होते हैं।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/sampat · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता