समृद्धि

Samriddhi

Samṛddhi · IAST

समृद्धि, फलना-फूलना; बढ़ता हुआ वैभव।

बालिकाकुम्भ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 1.10

    अपर्याप्तं तदस्माकं बलं भीष्माभिरक्षितम् । पर्याप्तं त्विदमेतेषां बलं भीमाभिरक्षितम् ॥

    aparyāptaṃ tad asmākaṃ balaṃ bhīṣmābhirakṣitam | paryāptaṃ tv idam eteṣāṃ balaṃ bhīmābhirakṣitam ||

    भीष्म के द्वारा रक्षित हमारी यह सेना अपर्याप्त (असीम) है, जबकि भीम के द्वारा रक्षित इन (पाण्डवों) की सेना पर्याप्त (सीमित) है। [दुर्योधन के वचन]

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/samriddhi · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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