संयम
Samyama
Saṃyama · IAST
आत्मसंयम — इन्द्रियों पर नियन्त्रण और अनुशासन।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 2.61
तानि सर्वाणि संयम्य युक्त आसीत मत्परः । वशे हि यस्येन्द्रियाणि तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता ॥
tāni sarvāṇi saṁyamya yukta āsīta matparaḥ, vaśe hi yasyendriyāṇi tasya prajñā pratiṣṭhitā
इन सब इन्द्रियों को वश में करके, मुझमें मन लगाकर स्थिर बैठे। जिसकी इन्द्रियाँ वश में हैं, उसकी बुद्धि स्थिर रहती है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/samyama · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता