सङ्कल्प
Sankalpa
Saṅkalpa · IAST
दृढ़ सङ्कल्प, निश्चित इरादा।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 6.24
सङ्कल्पप्रभवान्कामांस्त्यक्त्वा सर्वानशेषतः । मनसैवेन्द्रियग्रामं विनियम्य समन्ततः ॥
saṅkalpaprabhavān kāmāṃs tyaktvā sarvān aśeṣataḥ । manasaivendriyagrāmaṃ viniyamya samantataḥ ॥
मन में जन्मी सभी इच्छाओं को पूरी तरह छोड़कर, और मन से ही सब इन्द्रियों को हर ओर से वश में करके।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/sankalpa · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता