सन्त

Santa

Santa · IAST

सज्जन, साधु; शान्त और पवित्र हृदयवाला भक्त।

बालककुम्भ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 3.13

    यज्ञशिष्टाशिनः सन्तो मुच्यन्ते सर्वकिल्बिषैः । भुञ्जते ते त्वघं पापा ये पचन्त्यात्मकारणात् ॥

    yajñaśiṣṭāśinaḥ santo mucyante sarvakilbiṣaiḥ | bhuñjate te tv aghaṃ pāpā ye pacanty ātmakāraṇāt ||

    यज्ञ से बचा हुआ अन्न खानेवाले सज्जन सब पापों से छूट जाते हैं। परन्तु जो केवल अपने लिए ही पकाते हैं, वे पापी मनुष्य पाप का ही भोजन करते हैं।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/santa · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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