सन्तुष्ट

Santushta

Santuṣṭa · IAST

पूर्ण रूप से तृप्त; जो कुछ मिले उसी में सुखी और सन्तुष्ट रहनेवाला।

बालककुम्भ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 12.14

    सन्तुष्टः सततं योगी यतात्मा दृढनिश्चयः । मय्यर्पितमनोबुद्धिर्यो मद्भक्तः स मे प्रियः ॥

    santuṣṭaḥ satataṃ yogī yatātmā dṛḍhaniścayaḥ | mayy arpitamanobuddhir yo madbhaktaḥ sa me priyaḥ ||

    सदा सन्तुष्ट, संयमी और दृढ़ निश्चय वाला योगी, जिसका मन और बुद्धि मुझमें लगे हैं, वह भक्त मुझे प्रिय है।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/santushta · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

आपकी चयन सूची 0 / 10

आपकी सूची खाली है

किसी भी नाम पर बुकमार्क दबाकर अपने पसन्द के नाम जोड़िए।