सत्यप्रकाश
Satyaprakaasha
Satyaprakāśa · IAST
सत्य का प्रकाश; सत्य का उजाला।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 17.15
अनुद्वेगकरं वाक्यं सत्यं प्रियहितं च यत् । स्वाध्यायाभ्यसनं चैव वाङ्मयं तप उच्यते ॥
anudvega-karaṃ vākyaṃ satyaṃ priya-hitaṃ ca yat . svādhyāyābhyasanaṃ caiva vāṅmayaṃ tapa ucyate ..
जो वाणी किसी को दुःख न दे, जो सच्ची, प्रिय और हितकारी हो, तथा स्वाध्याय का अभ्यास, इसे वाणी का तप कहा जाता है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/satyaprakasha · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता