सौम्य

Saumya

Saumya · IAST

सौम्य, शान्त एवं मनोहर; सुन्दर।

उभयकुम्भ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 17.16

    मनःप्रसादः सौम्यत्वं मौनमात्मविनिग्रहः । भावसंशुद्धिरित्येतत्तपो मानसमुच्यते ॥

    manaḥ-prasādaḥ saumyatvaṃ maunam ātma-vinigrahaḥ | bhāva-saṃśuddhir ity etat tapo mānasam ucyate ||

    मन की शान्ति, सौम्य स्वभाव, मौन, आत्मसंयम और हृदय की शुद्धता; इसे ही मन का तप कहा जाता है।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/saumya · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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