शशाङ्क
Shashaanka
Śaśāṅka · IAST
चन्द्रमा, जिसकी शीतल चाँदनी शान्ति और सौन्दर्य देती है।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 15.6
न तद्भासयते सूर्यो न शशाङ्को न पावकः । यद्गत्वा न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम ॥
na tad bhāsayate sūryo na śaśāṅko na pāvakaḥ | yad gatvā na nivartante tad dhāma paramaṃ mama ||
उस धाम को न सूर्य प्रकाशित करता है, न चन्द्रमा और न अग्नि। जहाँ पहुँचकर लोग लौटते नहीं, वही मेरा परम धाम है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/shashanka · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता