श्रद्धा

Shraddhaa

Śraddhā · IAST

श्रद्धा — हृदय से किया गया विश्वास और भक्ति।

बालिकाकुम्भ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 4.39

    श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः । ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति ॥

    śraddhāvām̐l labhate jñānaṃ tat-paraḥ saṃyatendriyaḥ | jñānaṃ labdhvā parāṃ śāntim acireṇādhigacchati ||

    श्रद्धावान्, इसमें तत्पर और संयमी मनुष्य ज्ञान को पाता है; और ज्ञान पाकर शीघ्र ही परम शान्ति को प्राप्त करता है।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/shraddha · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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