स्मृति
Smriti
Smṛti · IAST
स्मृति एवं स्मरण-शक्ति; एक दिव्य नारी-गुण।
बालिका1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 10.34
मृत्युः सर्वहरश्चाहमुद्भवश्च भविष्यताम् । कीर्तिः श्रीर्वाक्च नारीणां स्मृतिर्मेधा धृतिः क्षमा ॥
mṛtyuḥ sarvaharaścāham-udbhavaśca bhaviṣyatām | kīrtiḥ śrīr-vāk-ca nārīṇāṃ smṛtir-medhā dhṛtiḥ kṣamā ||
मैं सब कुछ हर लेने वाली मृत्यु हूँ, और भविष्य में होने वाले सबका उद्भव (मूल) भी हूँ। नारी-गुणों में मैं कीर्ति, श्री (लक्ष्मी), वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा हूँ।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/smriti · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता