सुग्रीव
Sugreeva
Sugrīva · IAST
सुग्रीव — सुन्दर ग्रीवा वाले वानरराज, राम के निष्ठावान् सखा।
बालक2 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
हनुमान चालीसा
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राजपद दीन्हा॥
tuma upakāra sugrīvahiṁ kīnhā. rāma milāya rājapada dīnhā.
आपने सुग्रीव पर बड़ा उपकार किया — उन्हें राम से मिलाकर उनका राज वापस दिलाया।
रामरक्षास्तोत्र
सुग्रीवेशः कटिं पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभुः । ऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्
sugrīveśaḥ kaṭiṃ pātu sakthinī hanumatprabhuḥ | ūrū raghūttamaḥ pātu rakṣaḥkulavināśakṛt
सुग्रीव के स्वामी मेरी कटि की रक्षा करें और हनुमान् के प्रभु जाँघ-सन्धि की; रघुकुल में श्रेष्ठ और राक्षसकुल का नाश करने वाले मेरी जाँघों की रक्षा करें।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/sugriva · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — हनुमान चालीसा, रामरक्षास्तोत्र