सुख
Sukha
Sukha · IAST
सुख; आनन्द, चैन।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 17.8
आयुःसत्त्वबलारोग्यसुखप्रीतिविवर्धनाः । रस्याः स्निग्धाः स्थिरा हृद्या आहाराः सात्त्विकप्रियाः ॥
āyuḥsattvabalārogyasukhaprītivivardhanāḥ | rasyāḥ snigdhāḥ sthirā hṛdyā āhārāḥ sāttvikapriyāḥ ||
जो भोजन आयु, सत्त्व, बल, आरोग्य, सुख तथा प्रसन्नता बढ़ाते हैं और जो रसयुक्त, चिकने, पुष्टिकारक तथा मन को भाने वाले होते हैं, वे सात्त्विक स्वभाव के लोगों को प्रिय होते हैं।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/sukha · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता