सुमित्रा

Sumitraa

Sumitrā · IAST

उत्तम और स्नेहमयी मित्र; लक्ष्मण की माता, सौम्य रानी।

बालिकाकुम्भ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • रामरक्षास्तोत्र

    कौसल्येयो दृशौ पातु विश्वामित्रप्रियः श्रुती । घ्राणं पातु मखत्राता मुखं सौमित्रिवत्सलः ॥

    kausalyeyo dṛśau pātu viśvāmitrapriyaḥ śrutī | ghrāṇaṃ pātu makhatrātā mukhaṃ saumitrivatsalaḥ ||

    कौसल्या के पुत्र (राम) मेरी आँखों की, विश्वामित्र के प्रिय मेरे कानों की, यज्ञ की रक्षा करने वाले मेरी नाक की, और लक्ष्मण पर स्नेह रखने वाले मेरे मुख की रक्षा करें।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/sumitra · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — रामरक्षास्तोत्र

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