तितिक्षा

Titikshaa

Titikṣā · IAST

सहनशीलता — सुख-दुःख को शान्त भाव से सहने की क्षमता।

बालिकातुला1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 2.14

    मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः । आगमापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत ॥

    mātrā-sparśās tu kaunteya śītoṣṇa-sukha-duḥkha-dāḥ । āgamāpāyino 'nityās tāṁs titikṣasva bhārata ॥

    हे कुन्ती-पुत्र, इन्द्रियों का विषयों से सम्पर्क सर्दी-गर्मी और सुख-दुःख देता है। ये आते-जाते रहते हैं और स्थायी नहीं हैं; इसलिए हे भारत, इन्हें धैर्य से सहो।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/titiksha · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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